संसद में महिलाओं की उपस्थिति भारत की लोकतांत्रिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण : डॉ. मांडविया

हिन्द न्यूज़, दिल्ली 

    युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत मेरा युवा भारत (माय भारत) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में “नारी शक्ति: विकसित भारत की आवाज़ – समावेशी लोकतंत्र को सशक्त बनाना” विषय पर महिला युवा संसद का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन के साथ हुई, जिसने पूरे कार्यक्रम को देशभक्ति और प्रेरणादायक वातावरण से ओत-प्रोत कर दिया।

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर डॉ. मांडविया ने अपने संबोधन में संसद में महिलाओं की परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र ने महिलाओं को राष्ट्रपति पद सहित सर्वोच्च पदों तक पहुँचने का अवसर देकर उन्हें सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि समावेशी शासन देश की प्रगति को मजबूती प्रदान करता है। उन्‍होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर 16 से 18 अप्रैल तक होने जा रहे विशेष सत्र का उल्लेख करते हुए विधायिकाओं में महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में इसके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया और विकसित भारत के विज़न के अनुरूप सही मायने में समावेशी और प्रगतिशील राष्ट्र बनाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि “महिलाएँ राष्ट्र-निर्माण की नींव हैं। राजनीति में उनकी भागीदारी नीतियों को अधिक संवेदनशील, समावेशी और प्रभावी बनाती हैं। यह आवश्यक है कि महिलाएँ निर्णय-निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएँ। सशक्त महिलाएँ समाज में संतुलन, न्याय एवं प्रगति सुनिश्चित करते हुए विकसित भारत का निर्माण करेंगी।”

यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति की भावना को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। महिला युवा संसद का उद्देश्य महिलाओं को अपने विचार व्यक्त करने, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने और नीति-निर्माण से जुड़ी चर्चाओं में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए एक सशक्‍त मंच प्रदान करना था।

इस कार्यक्रम में 500 से अधिक महिलाओं की सहभागिता देखी गई। इनमें से दिल्ली और उत्तराखंड की 37 युवा प्रतिभागियों ने विभिन्न मंत्रालयों का प्रतिनिधित्व किया और इस मॉक यूथ पार्लियामेंट में सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिभागियों ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और समावेशी शासन पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर अन्य विशिष्ट अतिथियों में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अपर सचिव श्री नितेश कुमार मिश्रा; माय भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला; और श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स की प्रधानाचार्या प्रो. सिमरित कौर शामिल थीं।

सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने संसदीय कार्यवाही की नकल की, अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए और शासन में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के समर्थन में सामूहिक रूप से अपनी राय व्यक्त की। इस पहल ने युवा महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व कौशल, सार्वजनिक भाषण क्षमता और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ. प्रियंका शुक्ला ने अपने समापन संबोधन में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी विशिष्ट अतिथियों, प्रतिभागियों तथा मॉक यूथ पार्लियामेंट की सफलता में सक्रिय योगदान देने वाली सभी महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह कार्यक्रम महिलाओं की आवाज़ को सशक्त बनाने के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा और इसने विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण एवं निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया।

Related posts

Leave a Comment