हिन्द न्यूज़, दिल्ली
ओम बिरला ने नागालैंड विधानसभा में 22वें वार्षिक Commonwealth Parliamentary Association (CPA), India Region, Zone–III सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।
नागालैंड समृद्ध संस्कृति, प्रकृति, परम्पराओं, सुंदरता और वीरों की धरती रही है; जिसने लोकतांत्रिक संवाद को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह देखना सुखद है कि आज इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर रोड, रेल, एयर और डिजिटल कनेक्टिविटी की दिशा में उत्तर पूर्वी राज्यों ने अभूतपूर्व प्रगति की है।
सम्मेलन में आज के विमर्श का विषय “नीति, प्रगति एवं नागरिक: परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में विधायिका” – हमारे लोकतांत्रिक जीवन दर्शन और आधारभूत मूल्यों से जुड़ा हुआ है। इस दिशा में उत्तर पूर्व की राज्य विधान सभाओं ने जनता के साथ मिलकर सामूहिकता से नीति निर्माण किया है, योजनाएँ बनाई हैं, फ़ैसले लिए हैं।
विकास की नीतियों और रूपरेखा निर्माण में जनता की भागीदारी हो, इसके लिए हमारी विधान सभाएँ उत्प्रेरक की भूमिका निभाती हैं। उत्तर-पूर्वी राज्यों की विधान सभाएँ इसी आधार पर लोगों की अपेक्षाओं व आकांक्षाओं को पूरा करने का काम करती रही हैं।
मुझे आशा है कि CPA भारत क्षेत्र, ज़ोन – 3 के इस सम्मेलन में होने वाला विमर्श इसी परम्परा को और अधिक समृद्ध बनाएगा। साथ ही वैश्विक विषयों जैसे जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने की दिशा में भी इस सम्मेलन से उपयोगी निष्कर्ष निकलेंगे।
नागालैंड और हमारे उत्तर-पूर्वी राज्य प्राकृतिक एवं पारिस्थितिक दृष्टि से समृद्ध हैं। जब ये प्रदेश स्वावलंबी होंगे, तब निश्चय ही हमारा देश आत्मनिर्भर और विकसित होगा।
आज इस अवसर पर विधानसभा परिसर में मनोहारी प्रादेशिक प्रदर्शनी का अवलोकन किया, तथा समस्त प्रांत वासियों को आगामी हॉर्नबिल फेस्टिवल के लिए अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
