बिहार सुधारात्मक प्रशासनिक संस्थान हाजीपुर में आयोजित सेमिनार को मानसिक स्वास्थ्य ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया गया है — अवर मुख्य सचिव

हिन्द न्यूज, बिहार

काराओं में बंदियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य की प्रसांगिकता बहुत ही महत्वपूर्ण है। बंदियों के काराओ में प्रवेश के साथ ही बंदियों का मानसिक स्वास्थ्य जांच के लिए मानसिक स्वास्थ्य ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया गया है। जिससे मानसिक रोग से ग्रस्ति रोगियों का ससमय पता लगाकर उपचार किया जा सके। इस कार्य के लिए राज्य की चार काराओं यथार्थ – आदर्श केन्द्रीय कारा बेऊर पटना, शहिद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा मुजफ्फरपुर, जुब्बा साहनी केन्द्रीय कारा भागलपुर, केन्द्रीय कारा , गया में मानसिक रोग से ग्रस्ति बंदियों के लिए एक समर्पित इकाई का निर्माण किया गया है। उक्त इकाई में मानसिक रोग विशेषज्ञ उपलब्ध है। जिनके द्वारा मानसिक रोग से ग्रस्ति बंदियों का समुचित इलाज किया जाता है। इसके अतिरिक्त सभी केन्द्रीय काराओं में भी मनोचिकित्सक की आवश्यकता है।उक्त बातें गृह विभाग, पटना बिहार के अवर मुख्य सचिव भारतीय प्रशासनिक सेवा चैतन्य प्रसाद ने मेन्टल हेल्थ सेमिनार को संबोधित करते हुए कहीं।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में एन एच आर सी द्वारा वर्ष 2021 में प्रकाशित राष्ट्रीय आंकड़ों की कुल संख्या 9180 में बिहार राज्य के काराओं में अन्य राज्यों की तुलना में मानसिक रूप से बीमार बंदियों की कुल संख्या 196 है।जो कि काफी कम है। मानसिक रोगियों की पहचान ससमय हो जाने एवं इलाज शुरू कर दिये जाने से जहां एक ओर प्रशासनिक समस्या में कमी होगी। वहीं इलाजोपरांत उन बंदियों का ट्रायल समय से पुरा किया जा सकेगा।इस तरह का प्रशिक्षण से पूर्व में भी बीआईसीए द्वारा किया गया है। जबकि इस बार पुनः बीआईसीए एवं एन आई एम एच ए एन एस के सार्थक प्रयास से प्रशिक्षण से पूर्व बीआईसीए द्वारा किया गया है।

बिहार सुधारात्मक प्रशासनिक संस्थान हाजीपुर के दशरथ मांझी सभागार में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसका विधिवत उद्घाटन गृह विभाग पटना बिहार,अवर मुख्य सचिव भारतीय प्रशासनिक सेवा चैतन्य प्रसाद ने की। जबकि कार्यक्रम का संचालन जयालक्ष्मी शिवम् , विशेष कार्य पदाधिकारी उपस्थित थे ।

संवाददाता : रमेश प्रसाद सिंह बिहार

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