हिन्द न्यूज़, दिल्ली
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन, राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा सोसाइटी (एनईएसटीएस), 1 अप्रैल, 2026 को डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में अपना 8वां स्थापना दिवस मनाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, एनईएसटीएस देशभर में जनजातीय समुदायों के लिए शैक्षिक अवसरों को सुदृढ़ करने के अपने मिशन को आगे बढ़ा रहा है। संगठन को एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) की स्थापना, प्रबंधन एवं समर्थन करने तथा जनजातीय विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न पहलें करने का दायित्व सौंपा गया है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम उपस्थित रहेंगे। जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण संबंधी संसदीय समिति के माननीय अध्यक्ष फग्गन सिंह कुलस्ते तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। इस अवसर पर कई माननीय संसद सदस्यों के भी उपस्थित रहने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों के संबोधन तथा गत वर्ष के दौरान ईएमआरएस की प्रमुख पहलों एवं उपलब्धियों को रेखांकित करने वाली एक प्रस्तुति शामिल होगी। ईएमआरएस मणिपुर के विद्यार्थी जनजातीय समुदायों की समृद्ध परंपराओं एवं विरासत को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इसके अतिरिक्त, देशभर से मेधावी विद्यार्थियों को शैक्षणिक तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा।
अपनी स्थापना से ही, एनईएसटीएस ईएमआरएस नेटवर्क के माध्यम से जनजातीय विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुँच का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अवसंरचना को सुदृढ़ करने, शैक्षणिक सहयोग तंत्र को सशक्त बनाने तथा जनजातीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने में उल्लेखनीय प्रगति की गई है।
ईएमआरएस पहल के माध्यम से, जनजातीय कार्य मंत्रालय शिक्षा के जरिए जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने के प्रति अपनी वचनबद्धता पुनः व्यक्त करता है, जिससे विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें।

