हिन्द न्यूज़, बिहार
एवं आयोग के अन्य चार सदस्यों द्वारा घटनास्थल का दौरा किया गया। यह दौरा गत 29 जनवरी 2026 को झपसी देवी की मृत्यु के उपरांत चौराहे पर दाह-संस्कार किए जाने की घटना की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने तथा पीड़ित परिवार एवं स्थानीय लोगों से संवाद के उद्देश्य से किया गया।
दौरे के दौरान अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि घटना के प्रकाश में आने के बाद राज्य सरकार द्वारा इसे गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है। इसके जांच हेतु राज्य महादलित आयोग को प्रतिनियुक्त किया गया। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि भले ही इस घटना को मीडिया में अधिक चर्चित किया गया हो। किंतु तथ्य यह है कि शव का दाह-संस्कार सार्वजनिक स्थल पर किया गया, जो अत्यंत गंभीर विषय है।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि जिला प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और संतुलित कार्रवाई की गई। जिसके परिणामस्वरूप स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। इसी दौरान में वैशाली के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और सूझ-बूझ के साथ पूरे प्रकरण को समझते हुए श्मशान घाट तक पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ करायी गयी है। ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
मीडिया से बातचीत के दौरान आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने जानकारी दी कि आयोग द्वारा पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। दो दिनों के भीतर राज्य सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। वहीं पीड़ित परिवार से बातचीत के क्रम में यह तथ्य सामने आया कि परिजनों ने किसी के बहकावे में आकर यह कदम उठाया, जो उचित नहीं था।
राज्य महादलित आयोग के इस दौरे से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि सरकार और प्रशासन सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़े मामलों में सजग है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुधारात्मक कदम सुनिश्चित किए जाएंगे।
संवाददाता : रमेश प्रसाद सिंह, बिहार
