भ्रष्टाचार की गंगोत्री है अंचल कार्यालय टेकारी : C.O. आनंदी राम आज हो रहे हैं सेवानिवृत्त आम जनता लेगी राहत की सांस

हिन्द न्यूज, बिहार

गया का टेकारी अंचल कार्यालय जो विगत कई महीनों से भ्रष्टाचार की गंगोत्री माना जाता रहा है वह आज अंचलाधिकारी आनंदी राम के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद शायद अपनी दिशा बदलेगा ऐसा माना जा रहा है कि टिकारी अंचल अंतर्गत आने वाली आम ग्रामीण जनता राहत का सांस लेगी । टिकारी अंचल में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि पैसा खिलाने पर सरकारी भूमि अतिक्रमण जारी रहता है भले ही लोक शिकायत पदाधिकारी का आदेश सरकारी भूमि अतिक्रमण को अविलंब में मुक्त कराए जाने का ही क्यों ना हो , मात्र यही नहीं बल्कि लोक शिकायत पदाधिकारी का आदेश मिलने के बाद अंचलाधिकारी अगर अतिक्रमण तोड़ने के लिए जाते भी हैं तो वहां भी जिन लोगों ने इन्हें पैसा दे दिया है उनका अतिक्रमण छोड़कर बाकी का तोड़ देते हैं , ये बातें हम नही कह रहे हैं ये कहना है यहां की स्थानीय जनता का ।

इसी क्रम में टेकारी अंचल कार्यालय जाकर जब हमारे संवाददाता ने रिपोर्टिंग करनी चाही तो ज्ञात हुआ कि मनरसा ग्राम में लोक शिकायत के आदेश के उपरांत अतिक्रमण हटाने गए अंचलाधिकारी आनंदी राम द्वारा पैसा लेकर दो लोगों का अतिक्रमण नहीं हटाया गया और उसी प्लॉट में बाकी लोगों का अतिक्रमण उन्होंने हटा दिया इस मामले में जब हमारे द्वारा न्यूज़ लगाया गया था आज तो 6 महीने पूर्व उस समय अंचलाधिकारी अधिकारी आनंदी राम ने आश्वासन दिया था कि 15 दिनों में अतिक्रमण हटा देंगे जो आज तक नहीं हटा इससे यह प्रमाणित होता है कि भ्रष्टाचार की गंगा टिकारी में लाने वाले आनंदी राम ही हैं ।

इसके अतिरिक्त यह भी बताते चले कि अंचल अधिकारी द्वारा अजीत कुमार नामक एक व्यक्ति को अंचल कार्यालय में बिना वेतन दिए हुए रखा गया है और उनसे कार्यालय के सारे कार्य लिए जाते हैं मात्र यही नहीं बल्कि इनके बैठने के लिए अलग से व्यवस्था किया हुआ है अंचलाधिकारी ने कार्यालय की सारी संचिका एवं फाइल इनके द्वारा संचालन की जाती है और अंचलाधिकारी से अगर कोई कार्य करवाना हो तो अजीत कुमार एकमात्र स्रोत बने हुए हैं अंचल कार्यालय टिकारी में इस बात के प्रत्यक्ष प्रमाणिकता के साथ साथ अजीत कुमार ने स्वीकार किया कि अंचलाधिकारी नहीं उन्हें बिना वेतन के नियुक्त कर रखा है और साथ ही कार्यालय का सारा कार्य वे संभालते हैं । वहीं दूसरी और नेपा पंचायत के सरपंच द्वारा अंचल अधिकारी टिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया गया कि बिना पैसा खिलाये हुए यह अंचलाधिकारी कोई काम नहीं करना चाहते हैं अधिकारी व अंचल है जहां सिर्फ रुपये का बोलबाला है। बाहर हाल इन सब परिस्थितियों के बीच अंचलाधिकारी आनंदी राम 28 फरवरी 2023 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं अब देखना यह है कि नए अंचलाधिकारी अथवा प्रभारी अंचलाधिकारी यही परिस्थिति बनाए रखते हैं या कुछ बदलाव होता है , और यह भी देखने योग्य बात होगी कि जिला पदाधिकारी गया इस पर क्या संज्ञान लेते हैं ?

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