हिन्द न्यूज, बिहार
सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भारत माला परियोजना के तहत एन एच -119 डी के भू -अर्जन कार्य में तेजी लाने एवं रैयतों को बकाया मुआवजा भुगतान करने के लिए जिलाधिकारी यशपाल सिंह मीणा के निर्देशानुसार वैशाली जिले अन्तर्गत चेहराकलां, पातेपुर एवं राजापाकर अंचलों में तिथि निर्धारित करते हुए तीन दिवसीय भू -अर्जन कैम्प लगाया गया है। कैम्प कार्यालय में भू अर्जन के सहामक , राजस्व कर्मचारी , लिपिक, अमीन,राजस्व कर्मचारी, राजस्व ,4 अधिकारी, लिपिक, अंचलाधिकारी समेत जिला स्तरीय पदाधिकारी प्रतिनियुक्ति की गई थी।

सर्वप्रथम पातेपुर अंचल में आयोजित फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में 03 -04 एवं 6 फरवरी को बहुआरा,अबाबकरपुर ,कौताही,डभैच , नीरपुर एवं जगदीशपुर खास लगाया गया था । जहां कुल 247 आवेदन प्राप्त हुए थे । जिसमें से कुल 137 आवेदनों का कैम्प में निष्पादन करते हुए कुल 7 करोड़ 21 लाख 94 हजार रुपए का भुगतान कर दिया गया था।
जंदाहा अंचल में कैम्प फरवरी माह के दुसरे सप्ताह में 10 ,11, एवं 12 फरवरी को बिलन्दपुर धंधुआ,ग्राही,कादिरपुर, मुकुंदपुर एवं चकखाजो में लगाया गया था। जहां कुल 216 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे। जिसमें से 123 आवेदन को कैम्प में ही निष्पादन करते हुए कुल 3 करोड़ 40 लाख 79 हजार राशि भुगतान किया गया था।

जंदाहा अंचल में कैम्प फरवरी माह के तीसरे सप्ताह में 20,21 एवं 22 को जाफरपट्टी, सरमस्तपुर, बाकरपुर,हरपुर हरदास में लगाया गया था। जहां कुल 89 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे। जिसमें 72 आवेदन को निष्पादित करते हुए कुल 2 करोड़, 24 लाख 53 हजार राशि भुगतान किया गया। इसी प्रकार इन कैम्पों के माध्यम से कुल 332 किसानों को कुल 12 करोड़,87 लाख 28 हज़ार राशि भुगतान किया गया।इन कैम्पों में कुल 552 किसानों का आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे । जिसमें से कुल 220 आवेदनों का त्रुटि निराकरण एवं आपसी सहमति एवं जरुरी आवश्यक राजस्व कागजात प्राप्त कर जिला – भू-अर्जन कार्यालय से भुगतान की कारवाई की जा रही है। जिलाधिकारी यशपाल सिंह मीणा द्वारा अपर समाहर्ता के साथ नियमित रूप भ्रमण किया गया एवं कैम्प में रैयतों को कोई परेशानी न हो एवं उनका एलपीसी सहित आवश्यक कागजात भी कैम्प में ही बन जाय ।इसको लेकर पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया । कैम्प में कुल 90 रैयतों को एलपीसी उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा इसके माध्यम से जमीन पर स्थल दखल कब्जा का भौतिक सत्यापन कराकर विवादों को निपटारा किया गया।इन कैम्पों में लोगों ने रुचि दिखाई।
जिला भू -अर्जन पदाधिकारी ने बताया कि पुराने आपसी विवादों के कारण मुआवजा का निपटारा करने में कठिन आयी है। उन्होंने बताया है कि भारतमाला परियोजना के तहत वैशाली जिला के चार अंचलों में – पातेपुर, जंदाहा, राजापाकड़ एवं महुआ अन्तर्गत 38 किलोमीटर पथ का निर्माण होना है। जिसके लिए 46 मौजा के कुल 204 हेक्टेयर भूमि का भू -अर्जन किया गया है।इन में से 42 मौजों का दखल कब्जा एन एच एच एआई को करा दिया गया है। एन एच एच ए आई के माध्यम से यह कार्य मेधा कंस्ट्रक्शन के द्वारा किया जा रहा है।मेधा कंस्ट्रक्शन द्वारा 38 किलोमीटर में से 25 किलोमीटर के भू पथ का समतलीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
संवाददाता : रमेश प्रसाद सिंह, बिहार

