जिला उद्यान कार्यालय परिसर में दो दिवसीय जिला स्तरीय किसान मेला-सह-कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ

हिन्द न्यूज़, दिल्ली 

   आत्मा योजना अंतर्गत कृषि विभाग, बिहार सरकार के निदेशानुसार जिला उद्यान कार्यालय, हाजीपुर के प्रांगण में जिला स्तरीय दो दिवसीय किसान मेला-सह-कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन वैशाली जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह,हाजीपुर विधायक अवधेश सिंह, नगर परिषद हाजीपुर की सभापति संगीता कुमारी, उपप्रमुख हाजीपुर नंदकिशोर समेत अन्य जनप्रतिनिधियों, जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक आत्मा वैशाली डॉ० विकास कुमार, उप परियोजना निदेशक आत्मा सियाराम साहू तथा प्रगतिशील किसानों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर जिले के सभी सहायक निदेशक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, बीटीएम, एटीएम, यंत्र विक्रेता तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों द्वारा अपने क्षेत्रों में उत्पादित उद्यानिक फसलों का आकर्षक स्टॉल लगाया गया। उद्यान प्रदर्शनी में फूलगोभी, बंदगोभी, कदिमा/कोहड़ा, मूली, पपीता, अमरूद, केला, गाजर, बैंगन (गोल एवं लंबा), टमाटर, लौकी, कद्दू, चुकंदर, ओल, ब्रोकली, सीम, फ्रेंच बीन्स, मशरूम, मधु, नींबू, मौसमी फूलों के पौधे, हल्दी, अदरक आदि का प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त कृषि यंत्रीकरण से संबंधित उपकरणों एवं उत्कृष्ट कृषि उत्पादों की भी प्रदर्शनी लगाई गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपप्रमुख हाजीपुर नंदकिशोर जी ने किसानों से अपील की कि वे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि करें।

नगर परिषद हाजीपुर की सभापति संगीता कुमारी ने संबोधन में कहा कि शहरी क्षेत्रों में भी किसानों के बीच कृषि संबंधी योजनाओं एवं नवाचारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

हाजीपुर विधायक अवधेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े किसानों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि कृषि विभाग को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक किसान इनका लाभ उठा सकें। इसके साथ ही उन्होंने बागवानी फसलों को बढ़ावा देने, किसानों को पंजीकृत बीज उपलब्ध कराने तथा महिला किसानों के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने उद्यमी योजना के अंतर्गत प्राप्त राशि का उपयोग कर कृषि आधारित व्यवसाय के विस्तार की भी आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जलजमाव एवं जल निकासी की समस्या पर भी चर्चा की गई‌। जिस पर प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने उपस्थित किसानों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में महिला किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे कृषि मेले में उपलब्ध विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करें तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।

उन्होंने आगे कहा कि जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अब तक कुल 80,900 लाभार्थियों का एफआर कराया गया है। जबकि अबतक कुल 2,36,500 एफआर पूर्ण किए जा चुके है। जिससे वैशाली जिला फार्मर रजिस्ट्री में पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर कायम है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे योजना के अंतर्गत जिले में कुल 5,98,372 प्लॉट सर्वेक्षण हेतु आवंटित किए गए हैं। अबतक लगभग 80 प्रतिशत प्लॉट का सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। 

उन्होंने आगे यह भी कहा कि जिले में धान अधिप्राप्ति का लगभग 84 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण हो चुका है तथा इसे 20 मार्च तक 100 प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने आगे किसानों को सलाह दी कि कृषि कार्यों को क्लस्टर एप्रोच के आधार पर करें, जिससे उत्पादन और विपणन दोनों में सुविधा होगी। साथ ही किसानों को उचित मूल्य पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों को अपनी भूमि की उर्वरता की जानकारी के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए भी प्रेरित किया गया।

इसके अतिरिक्त जैविक खेती को बढ़ावा देने, मोती उत्पादन को प्रोत्साहित करने तथा वैशाली जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती के विस्तार पर भी विशेष बल दिया गया।

 

इस अवसर पर परियोजना निदेशक आत्मा, वैशाली सह जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जिले में किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की प्रगति के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से अवगत कराने के लिए राज्य के बाहर 630 किसानों को प्रशिक्षण, राज्य के अंदर 750 किसानों को प्रशिक्षण तथा जिले के अंदर 65,305 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

इसी प्रकार किसानों के अनुभव एवं ज्ञानवर्धन हेतु राज्य के बाहर 120 किसानों का परिभ्रमण, राज्य के अंदर 915 किसानों का परिभ्रमण तथा जिले के अंदर 620 किसानों का परिभ्रमण कराया गया है।

इसके अतिरिक्त जिले में अब तक इस वित्तीय वर्ष में 2 किसान मेला-सह-उद्यान प्रदर्शनी, 80 किसान पाठशाला, 10 तकनीकी कार्यक्रम, 2 किसान वैज्ञानिक परिचर्चा तथा 32 किसान गोष्ठियों का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है। साथ ही खरीफ एवं रबी मौसम में प्रत्येक पंचायत में किसान चौपाल आयोजित कर किसानों को कृषि योजनाओं एवं उन्नत तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने कृषि से संबंधित योजनाओं, बीज, उर्वरक, मशीनरी तथा आधुनिक तकनीकों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और विशेषज्ञों के साथ संवाद किया।

संवाददाता : रमेश प्रसाद सिंह, बिहार

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