हिन्द न्यूज़, दीव
भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, प्रचालन विभाग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार रसायनिक आपदा एवं समुद्र तटीय स्वच्छता की कतिपय भावी आशंका के मद्देनजर दादरा एवं नगर हवेली तथा दमण एवं दीव और लक्षद्वीप के माननीय प्रशासक प्रफुल पटेल जी के कुशल मार्गदर्शन तथा दीव जिला समाहर्ता श्री राहुल देव बूरा के नेतृत्व में दीव जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण टीम, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल , भारतीय तट रक्षक, आपदा मित्र एवं दीव प्रशासन के सभी लाईन डिपाटर्मेंटों के सहयोग से दिनांक 20/12/2024 को रसायनिक आपदा एवं समुद्र तटीय स्वच्छता से संबंधित एक संयुक्त जिला स्तरीय मॉक अभ्यास का सफल आयोजन किया गया ।

उल्लेखनीय है कि CAP-SACHET पोर्टल के जरिए रसायनिक आपदा संबंधी चेतावनी प्राप्त हुई । इस चेतावनी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दीव जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाये गये । इसके अंतर्गत वणांकबारा, गोमती माता जेट्टी तथा मीठाबाबा बीच घोघला को इंसीडेंट साईट निर्धारित किया गया था और घोघला बीच जेटी को स्टेजिंग एरिया निर्धारित किया गया था और वहां सभी आवश्यक संसाधनों को जुटाया गया था । स्टेजिंग एरिया में दीव हेतु इंसीडें इंसीडेंट कमांडर श्री शिवम मिश्रा , उप समाहर्ता ने सभी उपस्थित टीमों को इंसीडेंट की जानकारी दी और इससे कारगर रूप से निपटने हेतु अपेक्षित निर्देश व मार्गदर्शन प्रदान किया । इस दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण टीम, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल , भारतीय तट रक्षक, अग्निशमन कार्यालय, मत्स्य उद्योग विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग आदि की टीमें प्रात: 07.00 बजे इंसीडेंट साईट पर एकत्र हुईं जहां रसायनिक आपदा तथा समुद्र में तेल रिसाव से निपटने की अपेक्षित व्यवस्था की गई थी । सभी टीमों ने पूर्ण सक्रियता एवं सजगता से अपनी-अपनी निर्धारित भूमिकाओं का कारगर तरीके से निर्वहन करते हुए इस मौक अभ्यास को सफलतापूर्वक पूरा किया ।

उल्लेखनीय है कि समुद्र में तेल रिसाव संबंधी रसायनिक आपदा की शुरूआत गोमती माता बीच , वणांकबारा एवं घोघला बीच में हुई । आपदा की जानकारी मिलते ही प्रशासन की विभिन्न टीमें तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण टीम, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल , भारतीय तट रक्षक की टीमें इंसीडेंस कमांडर के निदेशानुसार तत्काल सजग होकर आपदा प्रबंधन के कार्य में जुट गई जिसके लिए प्रभावित क्षेत्र को आम नागरिकों के अवागमन हेतु प्रतिबंधित किया गया एवं डिस्पोजल पिट में तेल रिसाव संबंधी कचरे को स्वच्छ किया गया। इस दौरान समुद्र में तेल रिसाव संबंधी रसायनिक आपदा से प्रभावित 05 घायलों को अग्निशमन की टीम तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों द्वारा राहत एवं बचाव करते हुए दीव जिला अस्पताल में ईलाज हेतु भेजा गया जहां स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा उनका समुचित उपचार किया गया ।
समुद्र में तेल रिसाव संबंधी रसायनिक आपदा के मॉक अभ्यास के पश्चात इंसीडेंट कमांडर श्री शिवम मिश्रा , उप समाहर्ता ने स्टेजिंग एरिया में उपस्थित दीव जिला प्रशासन के प्रशासन की विभिन्न टीमों तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण टीम, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल , भारतीय तट रक्षक द्वारा मॉक अभ्यास के दौरान की गई कार्रवाई और इसमें पाई गई कमियों की समीक्षा की ताकि किसी दुर्भाग्यपूर्ण भावी आपदा की स्थिति में आपदा से बेहतर तरीके से निपटा जा सके । तत्पश्चात एनडीआरएफ की टीम द्वारा आपदा प्रबंधन से निपटने संबंधी उपकरणों आदि की जानकारी सभी टीमों को दी गई । इंसीडेंट कमांडर ने इस मॉक अभ्यास में सक्रियता से अपनी भूमिका निभाने के लिए सभी टीमों एवं दीव जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों तथा आपदा मित्रों की सराहना की और उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया ।
संवाददाता: विजयलक्ष्मी पंड्या, दीव
