हिन्द न्यूज़, बिहार
वैशाली जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह को दूरभाष के माध्यम से प्राप्त एक शिकायत के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हाजीपुर स्थित एक निजी अस्पताल में छापेमारी कर अनियमितता पाए जाने पर उसे सील कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महुआ थाना क्षेत्र के एक गांव की एक महिला से अपने भाई के इलाज के नाम पर पहले जबरन 45000 रुपए की मांग की जा रही थी । जिसका विरोध करने के पश्चात अस्पताल द्वारा बाद में जबरन ₹13000 की मांग की जाने लगी। जिसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई । शिकायत में बताया गया कि पवन कुमार नामक बिचौलिया द्वारा उन्हें जबरन श्री गणेश हॉस्पिटल, सदर हॉस्पिटल रोड, हाजीपुर में भर्ती कराया गया । इलाज के दौरान महंगी दवा देकर पैसे की मांग की गई।
जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी हाजीपुर की अध्यक्षता में सिविल सर्जन वैशाली, अंचलाधिकारी हाजीपुर, नगर थाना हाजीपुर तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उक्त अस्पताल में संयुक्त जांच की गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के भाई को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर में भर्ती कराया गया।जहां उनका इलाज जारी है।
जांच में पाया गया कि संस्थान में कोई योग्य चिकित्सक उपलब्ध नहीं था । इसके अलावा आवश्यक तकनीकी और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का भी अभाव था। अस्पताल के ऊपरी तल पर एक मात्र महिला मरीज भर्ती पाई गई।
जांच दल द्वारा अस्पताल में आवश्यक मानकों और योग्य चिकित्सकों की अनुपस्थिति में संस्थान के संचालन को गंभीर अनियमितता मानते हुए मौके पर ही अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता हैउन्होंने आगे ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना पंजीकरण, योग्य चिकित्सक एवं आवश्यक स्वास्थ्य मानकों के बिना संचालित किसी भी अस्पताल या क्लिनिक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करते हुए मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निरंतर निगरानी और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
संवाददाता : रमेश प्रसाद सिंह, बिहार
